The Moral Story in Hindi and English 2021

The moral story in Hindi

The moral story in Hindi

ज्ञान से बेहतर समझ होती है

एक गाँव में चार दोस्त रहते थे। वे सभी ज्ञानी और विद्वान थे। उनमें से एक दुनियादारी समझने वाला भी था। वे गरीब थे इसलिए उन्होंने रोजगार की तलाश करने के लिए देश के राजा के पास जाने का फैसला किया। 

जंगल से गुजरते समय उन्होंने एक जानवर का कंकाल देखा। उनमें से एक ने कहा कि वह सभी हड्डियों को ठीक उसी तरह से जोड़ सकता है जैसे ये तब थीं, जब यह जानवर जीवित था।

दूसरे विद्वान ने कहा कि वह जानवर को मांस, रक्त और त्वचा से ढक सकता है। तीसरे विद्वान ने कहा कि वह जानवर को जीवन दे सकता है। चौथे विद्वान ने कहा कि  यह कंकाल एक शेर का है इसलिए जैसे ही यह जीवित होगा, हम सभी को मार देगा।

बेहतर होगा कि वह उसे छोड़ दे। पहले तीन विद्वान चौथे विद्वान से सहमत नहीं थे और उन्होंने अपने काम शुरू किए। पहले विद्वान ने   हड्डियों को ठीक उसी तरह व्यवस्थित कर दिया  जैसे वे जीवित अवस्था में  थे। दूसरे  ने  मंत्र पढ़ना शुरू किया और कंकाल को मांस, रक्त, नसों और खाल और अंत में बालों के साथ कवर करना शुरू किया। 

चौथे विद्वान को आभास होने लगा कि यह कंकाल एक शेर का था और यह थोड़े ही देर में जीवित हो जायेगा और सबको मारकर खा जायेगा ,इसलिए वह एक पेड़ पर चढ़ गया। 

तीसरे विद्वान ने “मंत्र ‘का पाठ किया और विशाल सिंह जमीन से उठ खड़ा हुआ। जीवित शेर गर्जना करने लगा और  विद्वानों पर कूद पड़ा। उसने तीन विद्वानों को मार दिया और जंगल में चला गया। चौथा विद्वान पेड़ से नीचे आ गया। उसने अपने तीन साथियों को मृत पाया। 

अपने  कार्य  से उन्होंने साबित किया, “समझ  का एक ग्राम, ज्ञान के भंडार से बेहतर है”।
ज्ञान के समुद्र से  समझ की एक बूँद  बेहतर  है।

Wisdom better than knowledge

Four friends lived in a village. They were all learned and knowledgeable. One of them was worldly-wise also. They were poor, so they decided to go to the king of the country to seek employment.

While passing through the forest, they saw the skeleton of an animal. One of them said that he could connect all the bones exactly as they were when this animal was alive.

Another scholar said that he could cover the animal with flesh, blood and skin. The third scholar said that he could give life to the animal. The fourth scholar said that this skeleton is of a lion, so it will kill us all as soon as it is alive. It would be better to leave him.

The first three scholars did not agree with the fourth scholar and began his work. The first scholar arranged the bones exactly as they were in a living state. The other began reciting mantras and covered the skeleton with flesh, blood, veins and skins and finally hair.

The fourth scholar began to realize that this skeleton was of a lion and it will be alive in a short time and will kill and eat everyone. So he climbed a tree.

The third scholar recited the “Mantra” and Vishal Singh stood up from the ground. The living lion roared and jumped on the scholars. He killed three scholars and went into the forest. The fourth scholar came down from the tree. Three of his comrades were found dead.

The moral of the story is:-  By his action, he proved, “An Ounce of wisdom is better than the pound of knowledge”.

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